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OpenAI का नया सर्च इंजन चैटजीपीटी सर्च लॉन्च:गूगल को टक्कर देगा नया फीचर, सटीक जानकारी ढूंढना आसान होगा
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गूगल और बिंग को टक्कर देने के लिए ओपनएआई (OpenAI) ने चैटजीपीटी (ChatGPT) में नया सर्च फीचर जोड़ा है। चैटजीपीटी सर्च नाम का यह नया फीचर GPT-4 पर बेस्ड है, जिसे सर्चजीपीटी (SearchGPT) जैसे कई प्रोटोटाइप के बाद पेश किया गया है। सर्च को मैन्युअल रूप से चैटबोट पर इस्तेमाल किया जा सकता है, साथ ही इसे वेब सर्च आइकन से शुरू किया जा सकता है। इसमें न्यूज और ब्लॉग के लिंक शामिल हैं। इसके अलावा 'सोर्स' बटन से रिफ्रेंसेस की पूरी लिस्ट मिलती है, जिससे इन्फॉर्मेशन वेरफाई करने में मदद मिलेगी। टेक कंपनी का दावा है कि इससे सटीक जानकारी ढूढ़ना आसान हो जाएगा। यह नया फीचर पेड सब्सक्राइबर्स के लिए शुरू किया जा रहा है और आने वाले महीनों में यह फ्री यूजर्स के लिए भी अवेलेबल हो जाएगा। 2022 में ChatGPT को पब्लिकली अनवील किया था OpenAI ने नवंबर 2022 में दुनिया के लिए ChatGPT अनवील किया था। इस AI टूल ने तेजी से लोकप्रियता हासिल की है। म्यूजिक और पोएट्री लिखने से लेकर निबंध लिखने तक, ChatGPT बहुत सारे काम कर सकता है। यह एक कन्वर्सेशनल AI है। एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जो आपको इंसानों की तरह जवाब देता है। OpenAI में माइक्रोसॉफ्ट जैसी बिग टेक कंपनी ने 13 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश कर रखा है। कंपनी ने अपने सर्च इंजन ‘बिंग’ में भी ChatGPT को इंटीग्रेट किया है। कई कंपनियां भी ChatGPT का इस्तेमाल करने के लिए आतुर हैं। ऐसे में AI बेस्ड इस चैटबॉट का इस्तेमाल आने वाले दिनों में कहीं ज्यादा फैलने की उम्मीद है। आलोचकों का कहना है कि AI का बढ़ता इस्तेमाल लोगों के लिए मुश्किलें पैदा करेगा। नौकरियां खत्म होंगी, लोगों की इस पर निर्भरता बढ़ती जाएगी और शायद एक दिन ऐसा भी आए कि इंसान सोचने का काम पूरी तरह AI पर छोड़ दे। सैम ऑल्टमैन इस खतरे को नकारते नहीं हैं। हालांकि, वो कहते हैं कि इंसानी दिमाग की जरूरत ही न पड़े ऐसी दुनिया की कल्पना मुश्किल है।
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