एआई के सबसे प्रभावशाली 100 लोगों में 10 भारतवंशी भी:हेल्थ, साइंस जैसे क्षेत्रों में योगदान; एआई को हद में रहना सिखा रहे भारतीय
प्रतिष्ठित मैगजीन ‘टाइम’ ने एआई की दुनिया को नया आकार दे रहे 100 सबसे प्रभावशाली दिग्गजों की अपनी ‘टाइम100 एआई 2026’ सूची जारी की है। इस वैश्विक सूची में 10 भारतीय मूल की हस्तियों ने अपनी सशक्त मौजूदगी दर्ज कराई है। इनमें आईबीएम चेयरमैन अरविंद कृष्णा से लेकर मैसुरु की अनिमा आनंदकुमार भी हैं। ये भारतीय व भारतवंशी एआई के लिए चिप से लेकर उसे सुरक्षित व जिम्मेदार बनाने में जुटे हैं। इनमें सर्वम एआई के कोफाउंडर विवेक राघवन, बायेसियन हेल्थ की प्रमुख सूची सारिया, कॉग्निजेंट सीईओ रवि कुमार एस., एनकोड के को-एग्जीक्यूटिव डायेक्टर सनी गांधी और टेक जस्टिस लॉ की फाउंडर मिताली जैन भी हैं। पढ़िए पांच हस्तियों के बारे में... अनिमा आंनदकुमार - मौसम अनुमान से मेडिकल तक क्रांति ला रहीं आईआईटी मद्रास से ग्रेजुएट... कैलटेक प्रोफेसर ने ऐसे एल्गोरिदम बनाए हैं जो भौतिक प्रक्रियाओं को लाखों गुना तेजी से समझते हैं। उनकी तकनीक का इस्तेमाल मौसम का सटीक अनुमान, मेडिकल डिवाइस बनाने व टिकाऊ ऊर्जा खोजने में हो रहा है। यूएन के वैज्ञानिक बोर्ड में शामिल होकर सुनिश्चित कर रही हैं कि एआई से मौसम, सेहत व विज्ञान की भलाई के काम हों। अरविंद कृष्णा - भविष्य खास कामों के लिए बने छोटे एआई सिस्टम का आईआईटी कानपुर से ग्रेजुएट... आईबीएम के चेयरमैन ने एआई की दौड़ में अलग राह चुनी है। उनका मानना है एआई के दौर में जोखिम न लेना सबसे बड़ा जोखिम है। भविष्य खास कामों के लिए बने छोटे और एक्सपर्ट एआई सिस्टम का है। इसी सोच के साथ वह कंपनियों की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक एआई समाधान विकसित करने पर जोर दे रहे हैं। उत्कर्ष सक्सेना - इनके एआई टूल से 11 राज्यों में तेजी से मिल रहा न्याय सुप्रीम कोर्ट में लॉ क्लर्क रहे... ‘अदालत एआई’ के जरिए जूडिशरी में एआई का इस्तेमाल शुरू किया है। कंपनी के अनुसार, उसकी टेक्नोलॉजी 11 राज्यों के 6000 से ज्यादा जजों तक पहुंच चुकी है। आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने अक्टूबर से इसे सभी जिला कोर्ट में लागू किया जाएगा। 12 साल से केस की बाट जोह रहे बेबस कैदी को देखकर वे सिहर उठे और यह पहल की। संजय मेहरोत्रा - एआई की रफ्तार बढ़ाने वाली चिप के महारथी ‘हाई-बैंडविड्थ मेमोरी’ वह खास चिप है जो इतनी तेज व सक्षम है कि बड़े एआई मॉडल के विशाल डेटा को संभाल सके। दुनिया में इसे बनाने वाली सिर्फ तीन कंपनियां हैं, जिनमें ‘माइक्रोन’ भी शामिल है। भारी नुकसान के बाद उन्होंने इसी चिप पर फोकस्ड कर कंपनी को ऐतिहासिक बढ़त दिलाई। ये साइंटिस्ट और इंजीनियर भी हैं। इनके नाम 70 अमेरिकी पेटेंट दर्ज हैं। अरविंद रमन - एआई को जिम्मेदार और सुरक्षित बनाने में जुटे हैं अमेरिकी मानक एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में डायरेक्टर उन्नत एआई सिस्टम की जांच और वैल्यूएशन के एक्सपर्ट हैं। इनकी भूमिका एआई के लिए मानक तय करने, उसकी विश्वसनीयता परखने व उसे सुरक्षित बनाने से जुड़ी है, ताकि एआई जिम्मेदारी के साथ विकसित हो सके। वे मानते हैं लैब का शोध कागजों में बंद रहने के बजाय सीधे इंडस्ट्री के काम आना चाहिए।
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