परफेक्ट कार कलर चुनने की 5-स्टेप प्रोसेस:करीब 50% भारतीय लोगों को पसंद है सफेद रंग; ग्रीन, बेज, ऑरेंज की डिमांड कम
नई कार खरीदते समय सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि कौन-सा कलर चुनें? सिर्फ पसंद का नहीं, बल्कि मेंटेनेंस, गर्मी, रीसेल वैल्यू और ट्रेंड का भी। BASF की जनवरी में आई रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में भारत में बिकने वाली कुल कारों में 48% सफेद रहीं। यानी हर दो में से एक खरीदार सफेद कलर की कार खरीद रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह सफेद कलर का मेंटेनेंस अन्य कलर की तुलना में सबसे कम है, यानी सफेद कलर में स्क्रैच छुपाना सबसे आसान होता है। साथ ही सफेद कार की रीसेल वैल्यू भी सबसे ज्यादा होती है। हालांकि, अब ट्रेंड बदल रहा है और अलग लुक के लिए लोग ग्रे, ब्लैक, ब्लू और ग्रीन जैसे बोल्ड कलर वाली कार भी खरीद रहे हैं। परफेक्ट कार कलर चुनने की 5-स्टेप प्रोसेस स्टेप 1: अपना प्राइमरी यूज और इलाका देखें सबसे पहले यह तय करें कि आप गाड़ी कहां और कैसे चलाने वाले हैं: स्टेप 2: अपनी मेंटेनेंस की आदत पहचानें आप गाड़ी की साफ-सफाई को कितना वक्त दे सकते हैं, यह बहुत जरूरी है: मेंटेनेंस के लिए 'बेस्ट' VS 'वर्स्ट' कलर स्क्रैच ठीक करने में आसान 'स्पेशल एडिशन' रंग खरीदने के नुकसान स्टेप 3: रोड सेफ्टी और विजिबिलिटी को तवज्जो दें रात के समय होने वाले एक्सीडेंट्स से बचने के लिए कलर की विजिबिलिटी मायने रखती है: स्टेप 4: बजट और वेरिएंट की उपलब्धता चेक करें शोरूम जाने से पहले बजट का गणित समझें: कम बजट: अगर बजट टाइट है, तो फ्लैट वाइट चुनें। इसके लिए ज्यादातर कंपनियां एक्स्ट्रा पैसे नहीं लेतीं और स्क्रैच आने पर इसका री-पेंट भी सबसे सस्ता होता है। फ्लेक्सिबल बजट: अगर आप एक्स्ट्रा कॉस्ट उठाने को तैयार हैं, तभी मैट फिनिश, ट्रेंडी कलर्स या स्पेशल एडिशंस जैसे जेट या काजीरंगा एडिशन की तरफ कदम बढ़ाएं। स्टेप 5: फ्यूचर रिसेल वैल्यू का आकलन करें गाड़ी को 4-5 साल में बदलने का प्लान है या लंबे समय तक रखने का, यह सोच लें: शॉर्ट समरी गाइड
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